GMP Full Form in Hindi: जानिए IPO में GMP की फुल फॉर्म और इसकी पूरी डिटेल्स

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अगर आप शेयर बाजार में दिलचस्पी रखते हैं तो आप आईपीओ में जरूर इन्वेस्टमेंट करते होंगे। लेकिन किसी भी आईपीओ के रिटर्न का अनुमान उसके GMP से लगाया जाता है। लेकिन बहुत से लोगों को GMP के बारे में जानकारी नहीं होती है। अगर आप GMP के बारे में पूरी जानकारी जानना चाहते हैं तो हमारे इस Gmp Full Form in Hindi आर्टिकल में हम आपको इसकी पूरी जानकारी तो हमारे साथ अंत तक बने रहिए।

क्या है GMP Full Form in Hindi?

GMP की आईपीओ के फील्ड में फुल फॉर्म में ग्रे मार्केट प्रीमियम होता है। GMP Full Form in Hindi आर्टिकल में हम आपको बता दें कि, ग्रे मार्केट प्रीमियम एक टर्म है, जिसका इस्तेमाल आईपीओ मार्केट में किया जाता है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि आईपीओ की प्राइस पर लिस्ट होगा। यह अनऑफिशियल होता है लेकिन फिर भी इन्वेस्टर्स की इस पर नजर रहती है। इसमें अनऑफिशियल चैनल्स के जरिए डील्स से होती है।

क्या है ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP)

ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) फिलहाल और कुछ नहीं बल्कि वह कीमत है जिस पर ग्रे मार्केट के अंतर्गत शेयरों का कारोबार किया जाता है जैसे कि मान लेते हैं कि स्टॉक “एक्स” के लिए इश्यू प्राइस 200 रुपए है। GMP Full Form in Hindi में, हम आपको बता दें कि, अगर ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) 400 रुपए है तो इसका मतलब यह है कि लोग कंपनी “एक्स” के शेयरों 600 रुपए में खरीदने के लिए तैयार है।

किसी भी कंपनी के शेर ऑफीशियली तौर पर प्राइमरी और सेकेंडरी मार्केट में ट्रेड किए जाते हैं, जहां आईपीओ में जारी किए गए शेयर्स प्रायमरी मार्केट और स्टॉक एक्सचेंज में ट्रेड होते हैं। GMP Full Form in Hindi में, इन दोनों ही मार्केट में ट्रेड होने से पहले शेयर्स का ट्रेड ग्रे मार्केट में किया जाता है प्राइमरी और सेकेंडरी ग्रे मार्केट का रेगुलेटर SEBI के हाथों में होता है। यही वजह है कि इसे वैध माना जाता है और इसमें विश्वनियता भी काम हो जाती है।

कैसे होती है GMP की कैलकुलेशन

स्टॉक मार्केट और IPO में ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) उस कीमत के बीच अंतर है जिस पर सिक्योरिटीज का नया इश्यू शुरुआत में जनता को प्रदान किया जाता है। GMP Full Form in Hindi में, जब कोई आईपीओ अपने प्राथमिक बाजार में बेचा जाता है तो इसे एक निश्चित कीमत पर बेचा जाता है। हालांकि, जब स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टिंग की बात आती है, तो इसे ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) के रूप में जाना जाने वाला अलग कीमत पर ट्रेड किया जा सकता है।

  1. किसी विशेष आईपीओ के लिए ग्रे मार्केट प्रीमियम की गणना इस प्रकार की जा सकती है।
  2. GMPR=GMP*Q
  3. जहां GMP ग्रे मार्केट प्रीमियम है और Q प्राथमिक बाजार में बेचे गए शेयरों की संख्या है।

कैसे काम करता है GMP

  1. खरीदार, ग्रे मार्केट डीलर से संपर्क करके एक निश्चित प्रीमियम पर आईपीओ शेयर से खरीदने का आर्डर देते हैं। इसके बाद डीलर विक्रेता से निश्चित प्रीमियम पर शेयर्स बेचने के लिए खरीदार की ऑफर के साथ संपर्क करता है।
  2. अगर विक्रेता लिस्टिंग का रिस्क लेने के लिए तैयार नहीं है और उन्हें खरीदार के जरिए से डॉलर का प्रीमियम ऑफर पसंद आता है तो विक्रेता, ग्रे मार्केट डीलर को आईपीओ बेच देते हैं।
  3. GMP Full Form in Hindi में, ऐसा होने पर डीलर, विक्रेता से एप्लीकेशन डीटेल्स लेता है और खरीदार को नोटिफिकेशन भेजता है कि उसने विक्रेता से एक निश्चित संख्या में शेयर लिए हैं।
  4. अब अलॉटमेंट कंप्लीट होने के बाद विक्रेता के पास अलॉटमेंट जा भी सकता है और नहीं भी। अगर शेयर अलॉटमेंट नहीं होते हैं तो खरीदार और विक्रेता के बीच सौदा रद्द हो जाता है।

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