IPO Allotment Kya Hota Hai: जानिए अलॉटमेंट का पूरा प्रोसेस,अलॉटमेंट में कैसे मिलते हैं शेयर

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शेयर मार्केट में आईपीओ का जोरदार प्रदर्शन दिख रहा है। जब भी कोई निवेशक आईपीओ में पैसा लगता है। आपने लोगों को यह जरूर कहते सुना होगा कि ओवर सब्सक्रिप्शन के चलते पैसा डालने वालों के शेयर अलॉट ही नहीं हुए, तो आमतौर पर यह जरूर सोचता है कि आखिर शेयर अलॉट कैसे होते हैं। अगर आपका भी यही सवाल है तो IPO Allotment Kya Hota Hai इसमें हम आपको बताने जा रहे हैं कि आईपीओ का अलॉटमेंट प्रक्रिया क्या होती है।

IPO Allotment क्या होता है?

आईपी अलॉटमेंट होने का मतलब किसी भी आईपीओ के बंद होने के बाद निवेशकों के बीच उसको बांटने से है। जब आईपीओ बंद हो जाता है तो उसके सब्सक्रिप्शन और इन्वेस्टर्स के टाइप की अलग-अलग कैटेगरी के हिसाब से एलोकेशन होती है। यह डिमांड के आधार तय होता है। IPO Allotment Kya Hota Hai इसमें यदि कोई आईपीओ ओवर सब्सक्राइब हुआ है, तो जाहिर है कि सबको अलॉटमेंट नहीं मिलेगा अगर बिट पूरी नहीं मिली है तो तो सबको अलॉटमेंट मिलेगा।

IPO Allotment प्रक्रिया

इसके अलावा शेयर अलॉटमेंट के लिए लकी ड्रा का भी इस्तेमाल किया जाता है। आज के दौर के कई इन्वेस्टर्स अपने अपने परिजनों के नाम से भी बोली लगाते हैं ताकि किसी के भी नाम से निकल जाए। इस वजह से उसे परिवार को एक व्यक्ति की तुलना में शेयर अलॉटमेंट की संभावना बढ़ जाती है। IPO Allotment Kya Hota Hai इसमें बता दें कि निवेशक को अप्लाई करने के लिए सिर्फ डिमैट अकाउंट का ही होना जरूरी होता है जो अकाउंट से कनेक्ट होता है।

Allotment का ओवर सब्सक्रिप्शन होना

ओवर सब्सक्रिप्शन की स्थिति में आपको बता दें कि कुछ इस प्रकार के शेयरों का अलॉटमेंट होता है जैसे कि एक कंपनी का आईपीओ 3 गुना सब्सक्राइब हो गया। यानी जितने शेयर ऑफर किए गए थे, उसके मुकाबले तीन गुना एप्लीकेशन मिल गए हैं। आसान भाषा में कहें तो एक शेयर के तीन दावेदार हो गए हैं। IPO Allotment Kya Hota Hai इसमें आपको बता दें कि ऐसे मामलों में आईपीओ का एलॉटमेंट कंप्यूटराइज ड्रा के जरिए से किया जाता है।

क्या है IPO Allotment के नियम

  1. आईपीओ अलॉटमेंट में सबसे पहले कितने और किस कैटेगरी से कितने बिड्स से मिले हैं,इतना जरूरी होता है। इन्वेस्टर्स की कैटेगरी के हिसाब से आईपीएल अलॉटमेंट के नियम में भी अलग होते हैं।
  2. अगर किसी कैटेगरी में ओवर सब्सक्रिप्शन हुआ है तो उसे कैटेगरी में एडजस्ट कर लिया जाएगा। लेकिन क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल वायर्स (QIB) कैटेगरी में अंडर सब्सक्रिप्शन हुआ है तो इसे किसी और कैटेगरी में एडजस्ट नहीं किया जा सकता है।
  3. एप्लीकेशन के लिए आपकी एप्लीकेशन में कोई गलती नहीं होनी चाहिए। यदि गलत डिमैट अकाउंट नंबर दिया है और एक ही PAN ने कई अप्लीकेशन डाल दिए हैं। ऐसी गलतियां की है तो आपका एप्लीकेशन रिजेक्ट हो सकता है।
  4. IPO Allotment Kya Hota Hai इसमें, यही भी जान लीजिए की कट ऑफ प्राइस तक या इसके ऊपर आए हुए एप्लीकेशन पर विचार किया जा सकता है।

IPO Allotment Kya Hota Hai क्यों नहीं मिल पाता है ?

जिन रिटेल इन्वेस्टर्स को आईपीओ में अलॉटमेंट नहीं मिल पाता है, लॉट जरूर मिलता है। यानी कम लॉट की बोली लगाना, इन्वेस्टर्स के लिए ज्यादा सब्सक्रिप्शन की स्थिति में नुकसानदेह साबित हो सकता है। यानी आईपीओ अलॉटमेंट होने की उम्मीद कम होती है। PO Allotment Kya Hota Hai इसमें, अच्छी कंपनियों के आईपीओ में ज्यादा से ज्यादा लॉट में अप्लाई करने से शेयर अलॉट होने की उम्मीद बढ़ जाती है।

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