IPO Full Form in Hindi: जानिए IPO की फुल फॉर्म, IPO क्या है, कैसे करें इन्वेस्ट, जानें पूरी डिटेल्स

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भारतीय शेयर मार्केट में हाल ही के दिनों में IPO की बाढ़ आई हुई है। बाजार की इस तेजी का फायदा उठाने के लिए अभी और ज्यादा IPO आने की उम्मीद है। बहुत से लोग इन्वेस्टमेंट करने में भरोसा रखते हैं इसलिए इसलिए अच्छे रिटर्न की तलाश में रहते हैं। ऐसा ही है इन्वेस्टमेंट करने का जरिया होता है आईपीओ। तो आज के इस IPO Full Form in Hindi आर्टिकल में हम आपको बताने जा रहे हैं कि आईपीओ क्या होता है, इसमें इन्वेस्ट कैसे करते हैं।

IPO Full Form in Hindi

आईपीओ का फुल फॉर्म होता है इनिशियल पब्लिक आफरिंग (IPO), जब एक कंपनी अपने सामान्य स्टॉक या शेयर को पहली बार जनता के लिए जारी करती है, तो उसे आईपीओ कहते हैं। लिमिटेड कंपनियों द्वारा IPO इसलिए जारी किया जाता है, जिससे वह शेयर बाजार में लिस्टेड हो सके। IPO Full Form in Hindi में बता दें कि, शेयर मार्केट में लिस्टेड होने के बाद कंपनी के शेयरों की खरीद शेयर मार्केट में हो पाती है। कंपनी फंड इकट्ठा करने के लिए IPO जारी करती है।

IPO क्यों लाती है कंपनी ?

अगर आपके पास दो कंपनी है एक मुंबई में और दूसरी दिल्ली में, और आपका यही बिजनेस पिछले 10 सालों से चल रहा है। अब आप उसे दूसरे शहरों में खोलने की सोच रहे हैं लेकिन आपके पास पैसे नहीं है। अब आपके पास ऑप्शन क्या है? हां अब आप एक बैंक के पास जा सकते हैं, IPO Full Form in Hindi लेकिन उसे पर एक ब्याज का भुगतान करना होगा। आप एक निवेशक को खोज सकते हैं, लेकिन हो सकता है कि किसी वजह से साझेदारी अच्छी ना चल सके।

आप IPO ऑप्शन के साथ भी जा सकते हैं, जहां आप किसी इन्वेस्टमेंट बैंकिंग फॉर्म के पास जाकर अपनी कंपनी का इवोल्यूशन करवाइए। उसके बाद आम जनता में अपनी कंपनी के शेयर बेच दीजिए। IPO Full Form in Hindi में बता दें कि आईपीओ के जरिए से आपके पास आए धन को अब आप अपने बिजनेस के विस्तार के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं जबकि रिटेल इन्वेस्टर्स आपकी कंपनी में एक स्पेसिफिक परसेंटेज के पार्टनर बन जाते हैं।

दो प्रकार के होते हैं IPO

1. बुक बिल्ड IPO- बुक बिल्ड IPO में कंपनी इन्वेस्टमेंट बैंक के साथ मिलकर IPO का एक प्राइस बैंड तय करती है, जब एक आईपीओ का एक प्राइस बैंड तय हो जाता है उसके बाद उसे जारी कर दिया जाता है। इसके बाद तय किए गए प्राइस बैंड में से निवेशक अपनी बिड सब्सक्राइब करते हैं। बुक बिल्ड IPO की प्राइस दो तरह की होते हैं। IPO Full Form in Hindi में, प्राइस बंद में IPO का प्राइस कम है तो उसे फ्लोर प्राइस कैसे हैं। IPO का प्राइस ज्यादा है तो उसे कैप प्राइस कहते हैं।

2. फिक्स्ड प्राइस IPO- फिक्स्ड प्राइस आईपीओ को इश्यू प्राइस के रूप में संदर्भित किया जा सकता है जो कंपनी अपने शेयर की शुरुआती बिक्री के लिए निर्धारित करती है। खरीदारों को शेयर के प्राइस के बारे में पता चलता है। जिन्हें कंपनी पब्लिक करने का फैसला करती है। IPO Full Form in Hindi में, इश्यू बंद होने के बाद बाजार में शेयर की मांग का पता लगाया जा सकता है। आईपीओ में हिस्सा लेते वक्त आवेदन करते समय शेयर की पूरी कीमत का भुगतान करना होगा।

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